कवर्धा। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा प्रक्रिया और उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कवर्धा कांग्रेस जिला अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने PSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए साक्षात्कार स्थगित करने और उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि समान अथवा सही उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग अंक दिए गए हैं। पार्टी ने मांग की है कि जब तक पूरे मामले का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक PSC के साक्षात्कार को स्थगित रखा जाए।
कांग्रेस के अनुसार वर्ष 2025 में PSC द्वारा 265 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। पार्टी का दावा है कि पदों के तीन गुना यानी 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, जबकि 608 अभ्यर्थियों के ही इंटरव्यू तक पहुंचने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने शेष 187 अभ्यर्थियों के अंकों और चयन प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है।
समान उत्तर पर अलग-अलग अंक देने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा की कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्टी का दावा है कि कुछ प्रश्नों में अभ्यर्थियों के समान उत्तर होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग अंक दिए गए।
‘महाभिनिष्क्रमण’, छत्तीसगढ़ में होमरूल लीग की स्थापना सहित अन्य प्रश्नों के मूल्यांकन को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने वर्ष 2024 की परीक्षा में उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और मूल्यांकनकर्ताओं से संबंधित जानकारी सार्वजनिक किए जाने को लेकर उठी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार और PSC से मांग की है कि मामले का निराकरण होने तक साक्षात्कार स्थगित किए जाएं। अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार साक्षात्कार से पहले सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है, ताकि अभ्यर्थी अपने मूल्यांकन की जांच कर सकें।
इसके अलावा कांग्रेस ने साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने, मूल्यांकनकर्ताओं के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित करने और मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने तथा साक्षात्कार में 1:3 के अनुपात का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की है।


