कवर्धा।
बढ़ते तनाव और व्यस्त जीवनशैली के बीच स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला सिखाने के उद्देश्य से कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में आर्ट ऑफ लिविंग का चार दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गों से जुड़े नागरिकों, शिक्षकों, युवाओं, व्यवसायियों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया।
कार्यक्रम का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग छत्तीसगढ़ की स्टेट डायरेक्टर डॉ. शैलजा चंद्राकर तथा सीनियर टीचर हरजीत सिंह ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, वर्तमान में जीने और मन, शरीर व भावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने कहा कि नियमित सुदर्शन क्रिया से तनाव, चिंता और नकारात्मक भावनाओं में कमी आती है, जबकि आत्मविश्वास, एकाग्रता और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
चार दिवसीय शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने त्रि-स्तरीय प्राणायाम, भस्त्रिका, ओम् जप, ध्यान, योगाभ्यास और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया। समापन अवसर पर आयोजित सत्संग और भजन संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जहां उपस्थित लोगों ने शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
अशोका पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर पवन देवांगन और सारिका देवांगन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के समग्र व्यक्तित्व का निर्माण भी है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, आर्ट ऑफ लिविंग कवर्धा के प्रशिक्षक हर्ष शर्मा, जिला अध्यक्ष सहित संस्था के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, सदस्य एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया और ध्यान का अभ्यास कर तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प लिया। विद्यालय के मीडिया प्रभारी एवं पीजीटी हिन्दी अशोक कुमार इनवाती ने कार्यक्रम की जानकारी दी।




