कवर्धा। कबीरधाम जिले के एक छोटे से गांव की वर्षों पुरानी पीड़ा आखिरकार समाप्त हो गई। जिस गांव के लोग अपने ही गांव का नाम बताने में संकोच महसूस करते थे, वह अब नई पहचान और नए सम्मान के साथ आगे बढ़ेगा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के प्रयासों से ग्राम गदहाभाटा का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में राजपत्र प्रकाशित किए जाने के बाद गांव को उसकी नई पहचान मिल गई है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वयं ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि गांव के सम्मान, आत्मगौरव और नई सोच का प्रतीक है। वर्षों से ग्रामीण जिस मानसिक पीड़ा और सामाजिक उपहास का सामना कर रहे थे, उससे अब उन्हें मुक्ति मिल गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गदहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई बार सार्वजनिक स्थानों पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी। कई लोग गांव के नाम को लेकर मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक संबंधों और विवाह जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर भी पड़ता था। अब सोनपुर नाम मिलने से गांव के लोग गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के सर्वांगीण विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। सड़क, मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सोनपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने गांव की वर्षों पुरानी भावना और सम्मान की मांग को समझा तथा उसे पूरा कर नई पहचान दिलाई है। गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है तथा लोग इसे अपने इतिहास का यादगार दिन बता रहे हैं।
गदहाभाटा से सोनपुर बनने की यह यात्रा केवल नाम परिवर्तन की कहानी नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बन गई है।


