कवर्धा। नक्सलवाद से मुक्त घोषित होने के बाद कबीरधाम जिले के दूरस्थ और कभी घोर नक्सल नक्सली संवेदनशील माने जाने वाले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लगे सीमावर्ती गांव सोनवाही ,नया टोला ,पटवा, उमरझोला, लाछा, माराडबरा, बंदूककुंडा, सिलिहारी,समनापुर इन इलाकों में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। जिन गांवों तक कभी लोग जाने से कतराते थे और जहां भय का माहौल बना रहता था, वहां अब बच्चों की मुस्कान और शिक्षा की रोशनी नजर आने लगी है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह लगातार इन क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद कर रहे हैं। वे केवल कानून-व्यवस्था की जानकारी ही नहीं ले रहे, बल्कि गांवों में रुककर लोगों का हालचाल जान रहे हैं और उनके बीच विश्वास का मजबूत रिश्ता भी कायम कर रहे हैं।
मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी उनकी पहल उस समय और खास बन जाती है, जब वे गांव के बच्चों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई-लिखाई का जायजा लेते हैं। एसपी धर्मेंद्र सिंह बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित कर रहे हैं, उन्हें पढ़ा रहे हैं और शिक्षा के महत्व को समझाते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले जिन क्षेत्रों में डर का माहौल था, वहां अब पुलिस मित्र और मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आ रही है। बच्चों के साथ समय बिताकर और उनकी शिक्षा के प्रति रुचि जगाकर पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकार की भी मिसाल पेश की है।
नक्सल प्रभावित अतीत से निकलकर कबीरधाम अब भरोसे और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है, जहां पुलिस और जनता के बीच बढ़ता विश्वास जिले के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन रहा है।




