तरेगांव जंगल डकैती कांड में पुलिस की बड़ी सफलता, जमशेदपुर तक पहुंची जांच,लूटे गए चांदी के जेवर गलाकर खरीदने और बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, अब तक 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में; करीब 13 किलो चांदी सहित नगदी और दो बाइक बरामद

कवर्धा। कबीरधाम जिले के तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र के बहुचर्चित दुर्जनपुर डकैती कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सराफा व्यवसायी से लाखों के जेवरात और नगदी लूटने के मामले में पुलिस ने अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि लूटे गए चांदी के जेवरों की तलाश करते हुए पुलिस की जांच बिलासपुर से होती हुई झारखंड के जमशेदपुर तक पहुंची, जहां लूट के जेवर खरीदने और उन्हें गलाने में संलिप्त दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 11.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 1.124 किलोग्राम गली हुई चांदी, नगदी रकम, दो बजाज पल्सर एनएस मोटरसाइकिल सहित अन्य सामग्री बरामद की है।

27 अक्टूबर को सराफा व्यवसायी को बनाया था निशाना

मामला 27 अक्टूबर 2026 का है। थाना तरेगांव जंगल क्षेत्र के ग्राम दुर्जनपुर मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास आरोपियों ने सराफा व्यवसायी वेदप्रकाश सोनी का रास्ता रोककर उनके साथ डंडे और हाथ-मुक्कों से मारपीट की थी। इसके बाद व्यवसायी के पास मौजूद बैग में रखे पुराने और नए चांदी के आभूषण, करीब 15 ग्राम सोना और नगदी रकम लूटकर आरोपी फरार हो गए थे। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच करते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ।

पहले तीन आरोपी गिरफ्तार, फिर बिलासपुर से दो की गिरफ्तारी

पुलिस ने 31 अक्टूबर को निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे को गिरफ्तार किया था। इनकी निशानदेही पर करीब 11.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, एक बजाज पल्सर एनएस मोटरसाइकिल और 1500 रुपये नगद बरामद किए गए।

इसके बाद फरार आरोपी अरुण उर्फ अन्नू बंजारे और प्रेम उर्फ प्रीतम उर्फ ब्रो उर्फ बोरो घृतलहरे को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने लूटे गए चांदी के जेवरों का एक हिस्सा बेचकर 1 लाख 2 हजार रुपये मिलने की जानकारी दी। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 84 हजार रुपये बरामद किए।

लूट के जेवरों को जमशेदपुर में गलाकर बेचा, दो और आरोपी गिरफ्तार

मामले की जांच में एक अहम कड़ी तब सामने आई, जब पुलिस को पता चला कि लूटे गए चांदी के कुछ जेवर झारखंड के जमशेदपुर में बेचे गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम को साथ लेकर जमशेदपुर पहुंची। वहां की जांच में सुमंतो घोड़ाई उर्फ कोबो और सुरेश नाना माने की संलिप्तता सामने आई।

पुलिस के अनुसार, सुमंतो घोड़ाई ने पूछताछ में बताया कि 29 अक्टूबर को प्रेम उर्फ प्रीतम एक अन्य व्यक्ति के साथ चांदी के करधन और पायल बेचने पहुंचा था। इसके बाद वह उन्हें सुरेश नाना माने के पास ले गया, जहां चांदी के जेवरों को गलाकर करीब 1.124 किलोग्राम चांदी तैयार की गई और इसे 1 लाख 14 हजार रुपये में बेचा गया। इसमें से 1 लाख 2 हजार रुपये प्रेम उर्फ प्रीतम को दिए गए, जबकि 12 हजार रुपये सुमंतो ने अपने पास रखे।

पुलिस ने सुरेश नाना माने की निशानदेही पर लाल रंग के थैले में रखी करीब 1.124 किलोग्राम गली हुई चांदी बरामद की। लूटे गए जेवरों को खरीदने और उनकी बिक्री में सहयोग करने के आरोप में सुमंतो घोड़ाई और सुरेश नाना माने को 4 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। ट्रांजिट रिमांड पर दोनों को कबीरधाम लाया गया और 5 नवंबर को न्यायालय में पेश किया गया।

एसपी के निर्देशन में कई थाना और साइबर टीमों की रही भूमिका

पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अमित कुमार पटेल और अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई की गई। इस अभियान में एसडीओपी अजाक/साइबर प्रशांत देवांगन, तरेगांव जंगल थाना प्रभारी संग्राम सिंह, साइबर थाना प्रभारी उमाशंकर राठौर सहित बोड़ला, पंडरिया, पांडातराई और कुकदुर थाना की टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

लगातार जांच, तकनीकी साक्ष्यों और अंतरराज्यीय स्तर पर की गई कार्रवाई के बाद पुलिस ने डकैती कांड में शामिल आरोपियों के साथ लूटे गए माल को खरीदने और खपाने वालों तक भी पहुंच बनाई है।

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