लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पंडरिया में राष्ट्रप्रेम, एकजुटता और उत्साह का अनूठा नजारा देखने को मिला। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मिनी मैराथन में 500 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।
पंडरिया महाविद्यालय से पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल मैदान तक आयोजित मिनी मैराथन को विधायक भावना बोहरा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। महिला एवं पुरुष वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विधायक ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ महज एक दौड़ नहीं, बल्कि देश की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।

विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुजरात में निर्मित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व के प्रति देश की श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। भाषा, क्षेत्र और संस्कृति अलग होने के बावजूद हम सभी भारतीय हैं और देश की एकता एवं प्रगति के लिए हमारा संकल्प एक है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने वाले युवा ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने आयोजन में शामिल सभी प्रतिभागियों और नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।





