कबीरधाम, 17 जून। कबीरधाम जिले के बैगा आदिवासी समुदाय ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर प्रताड़ना, झूठे प्रकरण दर्ज करने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाते हुए बुधवार को नया रायपुर स्थित महानदी भवन पहुंचकर मुख्य सचिव, आबकारी सचिव और आबकारी आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद कबीरधाम के जिला अध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा बैगा समुदाय के लोगों को डराकर-धमकाकर झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है तथा उनसे अवैध रूप से धन वसूला जा रहा है। ज्ञापन में एसआई रायजादा और एसआई गीता साहू पर आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में महुआ शराब की वास्तविक मात्रा से अधिक दर्शाकर प्रकरण दर्ज किए गए और रिश्वत नहीं देने पर लोगों को जेल भेजा गया। इसके कारण कई परिवारों को जमीन गिरवी रखने, अनाज बेचने और कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कामू बैगा ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो बैगा समाज पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों के साथ हो रहे कथित अन्याय की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मोहित कुमार धुर्वे, कमल कुमार धुर्वे, ओमकार सिंद्राम सहित बैगा समाज के अनेक सदस्य और कथित पीड़ित ग्रामीण उपस्थित रहे।





