ग्रामीण-आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और शिक्षकों की कमी पर विधायक भावना बोहरा ने सरकार से मांगा जवाब

पंडरिया की विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा सत्र के दौरान क्षेत्र और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाया। उन्होंने ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, शासकीय विद्यालयों में सहायक शिक्षकों की कमी और नगरीय निकायों में बढ़ते अतिक्रमण व यातायात अव्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगा।
विधानसभा में सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी व दूरस्थ क्षेत्रों के कई शासकीय स्कूलों में सहायक शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है और ड्रॉप-आउट दर बढ़ने की आशंका है। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश में करीब 25 हजार से अधिक सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें कबीरधाम जिले के चार विकासखंडों में 172 पद खाली हैं। सरकार ने भर्ती और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से कमी दूर करने की बात कही है।
खेल प्रतिभाओं को लेकर भी विधायक बोहरा ने सरकार से जानकारी मांगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि ग्रामीण और आदिवासी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक, ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर, महिला खेल प्रतियोगिता, ग्रामीण खेल अभ्यास योजना और खेलो इंडिया लघु केंद्र जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कबीरधाम जिले में पिछले दो वर्षों में खेल प्रतिभा विकास के लिए करीब 1.55 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए, जिनमें अधिकांश राशि खर्च की जा चुकी है। हालांकि जिले में अभी आवासीय खेल प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है।
कृषि बजट पर चर्चा के दौरान विधायक बोहरा ने पंडरिया क्षेत्र के गन्ना किसानों के हितों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गन्ना अनुसंधान केंद्र की स्थापना, उन्नत बीज उपलब्ध कराने, समय पर भुगतान, समर्थन मूल्य बढ़ाने और सहकारी शक्कर मिलों को कार्यशील पूंजी देने की मांग रखी। साथ ही पपीता और टमाटर जैसी बागवानी फसलों को फसल बीमा योजना में शामिल करने और ग्राम रणवीरपुर में कृषि महाविद्यालय खोलने की भी मांग की।
नगरीय निकायों में अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि कबीरधाम जिले में पिछले एक साल में 97 अतिक्रमण चिन्हित किए गए, जिनमें से 95 हटाए जा चुके हैं और 2 प्रकरण लंबित हैं। अतिक्रमण हटाने के दौरान रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के पुनर्वास के लिए पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के तहत कार्रवाई की जाती है तथा यातायात पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विधानसभा में लगातार जनहित के मुद्दे उठाकर विधायक भावना बोहरा ने शिक्षा, खेल, किसानों और शहरी व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

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