पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण, प्रदेश में रोडवेज सेवाओं की कमी, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण और भुईया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा।
वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर भावना बोहरा ने बताया कि कबीरधाम जिले के पंडरिया वन परिक्षेत्र के बदौरा बीट में वर्ष 2025 के दौरान संरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण और पौधों को उखाड़ने की 3 घटनाएं सामने आई हैं। इस मामले में 4 व्यक्तियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। सागौन के पौधों को नुकसान पहुंचाने पर दोषियों से 1,99,190 रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राशि जमा नहीं करने पर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया, जहां अदालत ने जमानत देने से इंकार करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
प्रदेश में आम जनता को सस्ती और नियमित परिवहन सुविधा देने के उद्देश्य से भावना बोहरा ने छत्तीसगढ़ में रोडवेज सेवा को पुनः शुरू करने का मुद्दा भी उठाया।

सरकार की ओर से जवाब में बताया गया कि 13 दिसंबर 2002 तक मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम संचालित था, लेकिन उसके बाद राज्य में किसी भी प्रकार का रोडवेज निगम गठित नहीं किया गया है। हालांकि निजी बस संचालकों द्वारा मनमाने किराए और अनियमित समय-सारिणी की शिकायतों पर परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
भुईया पोर्टल पर फसल प्रविष्टि को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में फसल प्रविष्टि पूर्ण रूप से दर्ज की जा चुकी है। इसी आधार पर भूमि को एकफसली, द्विफसली, सिंचित या असिंचित श्रेणी में दर्ज किया जाता है। यदि किसी त्रुटि या विलंब की स्थिति आती है तो पटवारी और कृषि विभाग के संयुक्त प्रतिवेदन के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है।
वहीं अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के विषय में सरकार ने जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत सरकार से 3324.30 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है, लेकिन यह राशि जिलेवार आबंटित नहीं की गई है और कबीरधाम जिले में अभी तक इस योजना के तहत कोई खर्च नहीं किया गया है।
विधानसभा में इन मुद्दों को उठाकर विधायक भावना बोहरा ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र और प्रदेश के जनहित से जुड़े विषयों को मजबूती से सदन में रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


