सहसपुर में शारदीय नवरात्र की पंचमी पर राजपरिवार की सदियों पुरानी परंपरा का भव्य निर्वहन, कुल देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद राजा ने ग्रामीणों के साथ किया ग्राम भ्रमण

शारदीय नवरात्र की पंचमी के पावन अवसर पर सहसपुर में राजपरिवार की वर्षों पुरानी पारंपरिक परंपरा को पूरे श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ निभाया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़े इस आयोजन में राजपरिवार के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी शामिल हुए। पूरे गांव में भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला।

परंपरा के अनुसार पंचमी के दिन राजा द्वारा दिन में अपने कुल देवी-देवताओं एवं पूर्वजों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की गई। साथ ही क्षेत्रवासियों के कल्याण एवं मंगलमय जीवन के लिए आशीर्वाद मांगा गया।

🙏 पूजा के बाद ग्रामीणों के साथ किया ग्राम भ्रमण

पूजा-अर्चना के पश्चात शाम को राजा ने क्षेत्रवासियों के साथ ग्राम भ्रमण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने नवरात्र की धार्मिक आस्था के साथ गांव की सांस्कृतिक पहचान को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया।

✨ परंपरा में झलकती है संस्कृति और सामाजिक एकता

सहसपुर में पंचमी के अवसर पर निभाई जाने वाली यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजपरिवार और क्षेत्रवासियों के बीच पीढ़ियों से चले आ रहे आत्मीय संबंधों, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को आज भी जीवंत रखा जा रहा है।

शारदीय नवरात्र की पंचमी पर आयोजित पूजा-अर्चना और ग्राम भ्रमण ने एक बार फिर सहसपुर की समृद्ध परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की। आयोजन में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस परंपरा के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और जुड़ाव को दर्शाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!