अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अशोका पब्लिक स्कूल, कवर्धा में योग, संस्कार और भारतीय संस्कृति के अद्भुत संगम के साथ भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय ने एक अभिनव पहल करते हुए प्रत्येक शनिवार को सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ की नई परंपरा का शुभारंभ किया। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से पूरा सभागार भक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में सनातन संस्कार समिति के योग गुरु राजकुमार वर्मा, ओंकार सिंह राजपूत, रविशंकर Rajput एवं खोमेश सिंह राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
विद्यालय के संचालक पवन देवांगन ने विद्यार्थियों को योग के इतिहास, महत्व और वैज्ञानिक पक्ष की जानकारी देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली एक समग्र जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को “आदि योगी” माना जाता है और भारत की इस प्राचीन परंपरा को आज पूरा विश्व अपना रहा है।
विद्यालय की संचालिका सारिका देवांगन ने कहा कि शिक्षा तभी पूर्ण होती है जब उसमें संस्कार, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का समावेश हो। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
योग गुरुओं के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार, उत्तानपादासन, सेतुबंधासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण शांति और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
कार्यक्रम के अंत में उप-प्राचार्य लोकनाथ देवांगन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक विचार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। कार्यक्रम में प्राचार्य सोहनलाल नापित, एडमिन सागर नामदेव, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


