कवर्धा। धान उपार्जन केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंप्यूटर/डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गई हैं। आरोप है कि खरीफ वर्ष 2025–26 के लिए 108 उपार्जन केंद्रों पर अस्थायी मौखिक आदेश के तहत नियुक्त किए गए इन युवाओं ने उपार्जन कार्य को सुचारू चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन समिति प्रबंधकों के हड़ताल से लौटने के बाद 15 दिन काम लेने के बाद ही इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
ऑपरेटरों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है। युवा कांग्रेस विधानसभा कवर्धा अध्यक्ष वाल्मिकी वर्मा ने इसे युवाओं के प्रति अन्याय और अमानवीय व्यवहार बताते हुए वेतन भुगतान, सेवा बहाली और निरस्त आदेश वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि युवा बेरोजगारों से काम लिया गया, सम्मान नहीं दिया गया और बिना सुनवाई सेवाएं समाप्त कर दी गईं। युवाओं का कहना है कि न्याय न मिलने पर वे संघर्ष के लिए बाध्य होंगे।


