कबीरधाम/पंडरिया।
पंडरिया विधानसभा के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी समाज के 115 लोगों ने अपने मूल धर्म में पुनः प्रवेश कर सनातन संस्कृति से जुड़ाव की नई शुरुआत की है। यह “घर वापसी” कार्यक्रम ग्राम नेऊर स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित जनजाति गौरव सम्मान एवं अभिनंदन समारोह में सम्पन्न हुआ, जिसकी मुख्य अतिथि विधायक भावना बोहरा रहीं।
कार्यक्रम के झलकियां
कार्यक्रम में विधायक बोहरा ने घर वापसी करने वाले जनजाति परिवारों के पैर पखारकर स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, और उनकी परंपराएँ—प्रकृति पूजा, लोकदेवताओं की आराधना तथा सामुदायिक जीवनशैली—हमारी सभ्यता की आत्मा हैं।
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भावना बोहरा ने कहा कि—
> “घर वापसी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता की रक्षा का संकल्प है। हम उन भोले-भाले वनवासी भाइयों-बहनों को फिर से उनकी संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं, जिन्हें कुछ लोग प्रलोभन देकर भटका रहे हैं।”
उन्होंने धर्मांतरण की गतिविधियों पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे प्रयास आदिवासी अस्मिता और परंपराओं के लिए खतरा हैं। विधायक बोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आदिवासी समाज के उत्थान हेतु चल रही योजनाओं का उल्लेख किया—
जिनमें पीएम जनमन योजना, आदिवासी जिलों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, और शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय जैसी पहलें शामिल हैं।
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विधायक ने बताया कि पंडरिया विधानसभा में अब तक 3000 से अधिक पीएम आवास, 100 किलोमीटर से अधिक पक्की सड़कें, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, और बिजली कनेक्शन वनांचल क्षेत्रों तक पहुँचाए गए हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी हरीश लुनिया ने विधायक भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि—
> “उन्होंने कुछ माह पूर्व 70 से अधिक परिवारों की घर वापसी कराई थी और आज 115 लोगों को पुनः उनकी संस्कृति से जोड़ा है। यह समाज व संस्कृति की रक्षा की दिशा में अनुकरणीय कदम है।”
कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मोर्चा-प्रकोष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता, तथा बैगा जनजाति समाज के वरिष्ठजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


