कबीरधाम जिले के पर्यटन विकास को नई दिशा देने की पहल करते हुए क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल को पत्र लिखकर जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के समुचित विकास की मांग की है। सांसद द्वारा उठाए गए इस कदम को जिले के पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सांसद संतोष पांडेय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि कबीरधाम जिला प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, जलाशयों और धार्मिक-पर्यटन स्थलों से समृद्ध है, लेकिन इन स्थलों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण उनकी वास्तविक पर्यटन क्षमता सामने नहीं आ पा रही है। यदि इन स्थानों का व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए, तो यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
उन्होंने बताया कि जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत स्थित रानीदहरा जलप्रपात, पीड़ाघाट, कंवलधार जलप्रपात (ग्राम बांकी), छीरपानी जलाशय और सरोधा जलाशय जैसे प्राकृतिक स्थल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं विकासखंड पंडरिया के अंतर्गत आने वाले भैंसाओदार जलप्रपात (ग्राम घोघरा), कांदावानी जलप्रपात, गोदगोदा जलप्रपात (ग्राम नेउर), पोलमी जलप्रपात तथा घोघरा जैसे पर्यटन स्थलों पर भी वर्षभर पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।

सांसद ने कहा कि इन पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन स्थानों पर पहुंच मार्ग हेतु सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण, सीढ़ियों एवं रेलिंग का निर्माण, पेयजल सुविधा, शौचालय, प्रतीक्षालय तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक विकास कार्य कराए जाने की आवश्यकता है। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन स्थलों की सुरक्षा और आकर्षण भी बढ़ेगा।
सांसद संतोष पांडेय ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है। यदि इसके साथ-साथ जिले के अन्य पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाता है, तो कबीरधाम जिले में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को एक ही क्षेत्र में अनेक दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करने का अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल, भोजनालय, हस्तशिल्प और अन्य छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से मांग की है कि जिले के इन महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास के लिए आवश्यकतानुसार राशि स्वीकृत कर जल्द कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि कबीरधाम जिले का पर्यटन मानचित्र और अधिक समृद्ध एवं आकर्षक बन सके।


