पंडरिया विधानसभा अंतर्गत ग्राम मोहगांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण आज उस समय भावनात्मक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता के अद्भुत दृश्य का साक्षी बना, जब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 40 जोड़ों ने पूरे वैदिक रीति-रिवाज एवं पारंपरिक संस्कारों के साथ अपने नवदाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत की। समारोह में पंडरिया विधायक भावना बोहरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभाशीष देते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में विवाह मंडपों की साज-सज्जा, वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रस्मों और सामाजिक सहभागिता ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, परिजनों एवं ग्रामीणों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कई परिवार आर्थिक अभाव के कारण बेटियों के विवाह को लेकर चिंता में रहते हैं, ऐसे समय में यह योजना परिवारों के लिए सहारा बनकर सामने आती है और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सम्मानपूर्वक विवाह सुनिश्चित करती है।

उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में सहयोग, सामूहिकता और सामाजिक समरसता की भावना को भी मजबूत करती है।
भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। बेटियों के सम्मान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार हर जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने नवदंपत्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कारों और परंपराओं का पवित्र मिलन होता है। परिवार की मजबूती से समाज मजबूत होता है और समाज की मजबूती से राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने सभी जोड़ों से प्रेम, विश्वास और संस्कारों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।


