पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण, आदिवासी एवं वनांचल अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, सुव्यवस्थित और सुलभ बनाने के उद्देश्य से ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के तत्वावधान में विकासखंड स्तरीय स्वस्थ पंचायत एवं जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामुदायिक भवन पंडरिया, वीर सावरकर भवन कवर्धा एवं मंगल भवन सहसपुर लोहरा में संपन्न हुआ, जिसमें पंडरिया विधायक भावना बोहरा मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
सम्मेलन के दौरान विधायक भावना बोहरा ने ग्रामीणजनों से सीधा संवाद कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुना तथा त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाली मितानिन माताओं-बहनों को सम्मानित कर उनका अभिनंदन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पंडरिया विधानसभा में स्वास्थ्य को जनसेवा का मूल आधार मानते हुए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गरीब, ग्रामीण एवं आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। साथ ही जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, जिसमें गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, सुरक्षित प्रसव एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विधायक बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान बनी मितानिन दीदियाँ, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। इनके माध्यम से टीकाकरण, पोषण जागरूकता और प्राथमिक उपचार की सेवाएँ घर-घर तक पहुँच रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि स्वस्थ पंचायत एवं जन संवाद सम्मेलन जैसे कार्यक्रम जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और पोषण अभियान को स्वास्थ्य से जोड़कर लागू किया जा रहा है। वनांचल क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मोबाइल मेडिकल यूनिट, एम्बुलेंस सेवाओं और स्वास्थ्य शिविरों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँच सके।


