कवर्धा जिले के भोरमदेव अभ्यारण से वन्य प्राणी शिकार का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। बोड़ला विकासखंड अंतर्गत धवईपानी बिट के धवईपानी क्षेत्र में शिकारियों द्वारा करंट लगाकर दो दुर्लभ इंडियन बाइसन (गौर) की हत्या कर दी गई। इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, शिकारियों ने जंगल में अवैध रूप से विद्युत करंट फैलाकर बाइसन को निशाना बनाया। करंट की चपेट में आने से दोनों बाइसन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन मंडल अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की गई।
वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी जांच में लगाया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित शिकार गिरोह का मामला हो सकता है।
गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में चार बाइसन की मौत हो चुकी है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन्य प्राणी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद अभ्यारण क्षेत्र में शिकार की घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं।
वन्य जीव प्रेमियों और पर्यावरण संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडियन बाइसन जैसे संरक्षित और दुर्लभ वन्य प्राणी का शिकार जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा है।
फिलहाल वन विभाग ने दोषियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का दावा किया है। जांच पूरी होने के बाद पूरे शिकार नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।


