छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में मंगलवार शाम एक भीषण रेल हादसा हुआ, जिसमें एक पैसेंजर मेमू (MEMU) ट्रेन ने खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और दो कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए। हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
🕓 हादसा कैसे हुआ
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना बिलासपुर–कटनी रेलखंड पर निगौरा और बेलगहना स्टेशन के बीच शाम करीब 4 बजे हुई। बताया जा रहा है कि मेमू पैसेंजर ट्रेन ने सिग्नल को पार कर दिया और ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। टक्कर के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन के पहले दो डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

🚑 राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे, आरपीएफ और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। घायलों को बिलासपुर जिला अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
रेलवे ने यात्रियों और परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, राहत कार्य जारी है और ट्रैक को क्लियर करने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे के कारण इस रूट पर कई ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ है।
⚠️ शुरुआती जांच में क्या पता चला
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मेमू ट्रेन ने सिग्नल ओवरशूट किया था, यानी ट्रेन ने रेड सिग्नल को पार कर लिया। सिग्नलिंग सिस्टम या मानव त्रुटि – दोनों संभावनाओं की जांच की जा रही है।

🗣️ बयान और कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है। वहीं रेलवे बोर्ड ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
रेल मंत्री ने भी घटना पर दुःख जताते हुए ट्वीट किया,
“बिलासपुर रेल दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
🕯️ मृतकों की पहचान
मृतकों में एक महिला और एक बच्चा भी शामिल हैं। शेष मृतकों की पहचान प्रक्रिया जारी है।
🚉 यातायात पर असर
इस हादसे के कारण बिलासपुर–कटनी रेलखंड पर कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है और कुछ को रद्द करना पड़ा है। रेलवे ट्रैक और सिग्नल सिस्टम की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।


