संपूर्ण भारत में 01 से 15 नवंबर तक मनाए जा रहे जनजाति गौरव दिवस के अंतर्गत अशोका पब्लिक स्कूल में एक विशेष परिचर्चा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को भारत की विविध जनजातीय संस्कृतियों, उनके ऐतिहासिक योगदान और सामाजिक महत्व से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहारी राम धुर्वे, सभापति नगरपालिका कवर्धा रहे। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए अपने जनजातीय अनुभवों और परंपराओं पर प्रकाश डाला। श्री धुर्वे ने कहा कि “भारत की जनजातियाँ हमारी सांस्कृतिक धरोहर की आत्मा हैं, जिनके योगदान को समझना और सम्मान देना हर पीढ़ी का कर्तव्य है।”
बच्चों ने इस अवसर पर जनजातीय नायक, संस्कृति, संगीत और नृत्य पर आधारित चित्र प्रदर्शन एवं प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने जनजातीय जीवनशैली से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे, जिनका अतिथियों ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिया।

विद्यालय के संचालक पवन देवांगन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में सामाजिक जागरूकता और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना को प्रबल करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्र अपनी शिक्षा के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों को भी समझेंगे और उन्हें आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य एस.एल. नापित, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने जनजाति गौरव दिवस के महत्व पर अपने विचार साझा किए और एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार इनवाती ने बताया कि यह आयोजन बच्चों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और समाज व इतिहास के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।


